घमंड से तख्त-ओ-ताज़ भी राख बन गये !!
घमंड से तख्त-ओ-ताज़ भी राख बन गये !!
पोस्ट संख्या-72
जिन्हें चहुं ओर सिर्फ अच्छाई ही दिखती है।
ऐसे लोगों की अच्छाई औरों को खटकती है।।
अपने हुनर से बढ़ा कदम फिक्र न कर साकी,
ईर्ष्यालु लोगों की आत्मा सदैव भटकती है।।
हौंसला न कर पस्त कंकर चुन ले राह के,
शीर्ष पे पहुँचे राही की मुश्किल सदा बढ़ती है।।
घमंड से तख्त-ओ-ताज़ भी राख बन गये ,
किसी को नीचा दिखाकर किस्मत बिगड़ती है।।
नेक नीयत साफ दिल खाते हैं ठोकर कलियुग में
फिर भी तू 'पूर्णिमा' सपना राम-राज्य का बुनती है।।
डॉ.पूर्णिमा राय, पंजाब
2/10/25

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