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जेंडर लेंस के आधार पर चौथी से आठवीं की पुस्तकों की समीक्षा हेतु तीन दिवसीय वर्कशॉप सफलतापूर्वक हुई संपन्न !

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जेंडर लेंस के आधार पर चौथी से आठवीं की पुस्तकों की समीक्षा हेतु तीन दिवसीय वर्कशॉप सफलतापूर्वक हुई संपन्न ! एससीईआरटी डायरेक्टर पंजाब सरकार के दिशा-निर्देश तहत BREAK THROUGH TEAM के नेतृत्व में जेंडर लेंस के आधार पर पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की सामाजिक ,अंग्रेजी, पंजाबी एवं हिन्दी की कक्षा चौथी से लेकर आठवीं तक की पुस्तकों की समीक्षा संबंधी वर्कशॉप का आयोजन होटल पार्क व्यू चंडीगढ़ में किया गया। वर्कशॉप में असिस्टेंट डायरेक्टर डॉ.शंकर चौधरी द्वारा विशेष रूप से निरीक्षण करके पुस्तकों पर जेंडर लेंस के आधार पर करवाये जा रहे निरीक्षण एवं विश्लेषण कार्य का जायजा लेने के साथ चर्चा-परिचर्चा को सुना और अपने बहुमूल्य विचार भी साझा किये।Break Through Team से मैडम निशा, अनुपमा,विपाशा एवं स.अरविंद सिंह द्वारा जेंडर लेंस की पुस्तकों में उपयोगिता एवं महत्व पर वर्कशॉप के तीन दिवसीय कार्य योजना के दौरान समय-समय पर उपस्थित विषय माहिर बीआरसी अपर प्राइमरी एवं प्राइमरी के साथ परिचर्चा की और जेंडर लेंस की पुस्तकों के नज़रिए अनुसार धारणा को स्पष्ट किया।इन तीन दिनों 18मार्च से 20मार्च की कार्यशाला...

नई ताज़गी

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  नई ताज़गी पोस्ट संख्या-78 हरा-भरा उपवन, उजली धूप है छाई, फूलों सा मन, आँखों में चमक समाई। लाल रंग के परिधान में खिली मुस्कान, आसमान को छूती अच्छाई की पहचान। प्राकृतिक छाया में ली गई यह तस्वीर, हर चेहरे पर लाती नई ताज़गी की लकीर। हौंसलों की पंखुरी, आत्मविश्वास भरी, इक सजीव कहानी,तस्वीर में उतरी। कुछ पत्तों की सरसराहट,कुछ जड़ों की बात, इस मुस्कान में छुपी हैं कई सौगात। धरती जैसी गरिमा, छांव सी शरमाई, सच्चाई और सरलता संग आई। "पूर्णिमा"तस्वीर में है जीवन का संदेश, रंग-बिरंगे सपनों की मीठी आस। मुश्किल राहों में भी कितनी सौम्यता, खुद में समेटे यह मुस्कुराती प्यासी प्यास। डॉ.पूर्णिमा राय, पंजाब 

एक आत्मा (कविता)

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  एक आत्मा (कविता) पोस्ट संख्या-77 सौम्य शांत वातावरण में मुस्कुराती सी शांति  हरियाली की गोद में साँस ले रही एक आत्मा! फूलों की डालियाँ बिखरा रही रसभरी फुहारें, धरती के रंगों में सजी जीवन की हसीन सौगातें! पेड़ों की छाँव में जगती उम्मीदों की बात, हर पत्ती,हर शाख में ख़ुशियों की सौगात! ज़िंदगी में सादगी की भव्य सुंदर मिसाल, सपनों की राहों पर बढ़ते हैं नित नव सवाल! महकते फूलों के बीच,है सुकून सा एहसास, जिंदादिली में बसा है, खूबसूरत सा विश्वास! लबों की मुस्कान में 'पूर्णिमा',उजाले की कहानी, संग में लिपटी हुई है थोड़ी, मासूमियत पुरानी! डॉ.पूर्णिमा राय, पंजाब 

ब्लॉक स्तरीय हिंदी शिक्षकों की एक दिवसीय कार्यशाला सफलतापूर्वक संपन्न हुई ।

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ब्लॉक स्तरीय हिंदी शिक्षकों की एक दिवसीय कार्यशाला सफलतापूर्वक संपन्न हुई ।  डॉ.पूर्णिमा  दिनांक 10 नवंबर आज एससीईआरटी के दिशा-निर्देश एवं जिला शिक्षा अधिकारी श्री राजेश कुमार शर्मा जी के दिशा-निर्देश से डीआरसी डॉ राजन के सफल संचालन के अधीन अमृतसर जिले के अलग-अलग ब्लॉक में हिंदी शिक्षकों की एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।डीआरपी हिंदी डॉ.पूर्णिमा एवं रिसोर्स पर्सन मैडम अंजू द्वारा सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल मानांवाला में ब्लॉक तरसिक्का और जंडियाला गुरु ब्लॉक के हिंदी शिक्षक-शिक्षिकाओं को हिंदी प्रशिक्षण दिया गया। हिंदी शिक्षकों ने हिंदी शिक्षण संबंधी क्रिया,-प्रतिक्रिया के रूप में शिक्षण प्राप्त किया। हिंदी शिक्षण के दौरान हॉलिस्टिक प्रोग्रेस रिपोर्ट कार्ड, कंपीटैंसी एनहैंसमेंट प्लान, कविता शिक्षण, उच्चारण की अशुद्धियां, प्रश्न पत्र की नई रूपरेखा, डिजिटल युग की गतिविधियों के बारे में जानकारी हासिल की। शिक्षकों ने रिसोर्स पर्सन डॉ पूर्णिमा द्वारा दी जा रही जानकारी के दौरान विशेष रूप से गद्य शिक्षण में संस्मरण लेखन कार्य करके अपने भावनाओं और विचारों को लिखित रूप के साथ-स...

हिंद दी चादर-- श्री गुरु तेग बहादुर जी

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  हिंद दी चादर-- श्री गुरु तेग बहादुर जी पोस्ट संख्या-75 श्री गुरु तेग बहादुर जी सिक्ख धर्म के नौवें गुरु थे, जिनका जन्म 21 अप्रैल 1621 को अमृतसर में हुआ था। इनके बचपन का नाम त्यागमल था और वे गुरु हरगोबिंद साहिब जी के सबसे छोटे पुत्र थे। गुरु तेग बहादुर जी का पालन-पोषण साहसी और धार्मिक वातावरण में हुआ। उन्होंने तलवारबाज़ी, तीरंदाजी और घुड़सवारी जैसे युद्ध कौशल भी सीखे। मात्र 13 वर्ष की आयु में ही उन्होंने अपने पिता के साथ मुगलों से युद्ध में भाग लिया था, जिससे उन्हें 'तेग बहादुर' नाम मिला। सन् 1664 ई में, गुरु हरिकृष्ण जी के देहांत के बाद गुरु तेग बहादुर जी सिक्खों के नौंवें गुरु बने। उन्होंने अपने जीवन में कई स्थानों की यात्रा कर गरीबों की मदद की और सिक्ख समुदाय को संगठित किया। उनके उपदेशों में सभी धर्मों की स्वतंत्रता और मानवता की रक्षा का संदेश मिलता है।इन्हें 'हिंद की चादर' भी कहा जाता है,हिंद दी चादर' का अर्थ है 'हिंदुस्तान की ढाल' या 'भारत की रक्षा करने वाला'।  क्योंकि उन्होंने धर्म, मानवता, और अत्याचार के विरुद्ध अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिद...

विकसित भारत बिल्डाथॉन2025

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  विकसित भारत बिल्डाथॉन2025 पोस्ट संख्या-74 स्वदेशी को अपनाना है। विदेशी को भगाना है।। आत्मनिर्भर बनकर ही, नवाचार दिखाना है।। शिक्षा एवं साक्षर विभाग , शिक्षा मंत्रालय,नीति आयोग। अटल इनोवेशन मिशन से, नव होगा चिन्तन मनन।। सर्वप्रथम जागरूक करें, सामूहिक शिक्षक वर्ग को। रजिस्ट्रेशन करके स्कूल की, निभायें शिक्षक कर्म को।। तीन से पाँच छात्रों की, बनाकर टीम कुशल। विकसित भारत निर्माण को मिलकर करें सफल ।। वोकल फॉर लोकल, आत्मनिर्भर भारत। स्वदेशी, समृद्ध भारत, चार मुख्य हैं थीम।। एक थीम चुनो या चारों ही, निर्भर करता शिक्षक-छात्र पर। एक टीम बनाओ या अधिक, निर्भर है आपके प्रयास पर ।। समस्या ढूँढें,समाधान करें दिखाकर अपना हुनर। वीडियो यां प्रोटोटाइप अपलोड करें  तीन से पाँच मिनट की फिर।। ज़िला राज्य नेशनल स्तर पर छात्र आगे बढ़ेंगे। हम हैं निवासी भारत के "पूर्णिमा"योगदान डाल दें।। डॉ.पूर्णिमा राय, पंजाब  7/10/25

विकसित भारत बिल्डाथॉन :एक महत्वपूर्ण पहल

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  विकसित भारत बिल्डॉथान :एक महत्वपूर्ण पहल  पोस्ट संख्या-73 भारत एक तीव्र गति से उभरती हुई शक्ति है, जो आने वाले वर्षों में विश्व के शीर्ष विकसित देशों में स्थान प्राप्त करने की दिशा में अग्रसर है। इसी विचार को साकार करने के लिए “विकसित भारत बिल्डाथॉन” एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में शुरू किया गया है। यह कार्यक्रम युवाओं, नवाचारकर्ताओं और उद्यमियों को एक मंच प्रदान करता है, जहाँ वे भारत के विकास के लिए नए विचार और तकनीकी समाधान प्रस्तुत कर सकते हैं।विकसित भारत बिल्डॉथान का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी की रचनात्मकता को बढ़ावा देना और उन्हें देश के विकास से सीधे जोड़ना है। इसके माध्यम से प्रतिभागी शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यावरण, डिजिटल सेवाओं और शासन से संबंधित समस्याओं के समाधान खोजने के लिए प्रेरित होते हैं। यह पहल 2047 तक भारत को “विकसित राष्ट्र” बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है।बिल्डॉथान की विशेषता है कि यह एक राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता है, जिसमें विद्यार्थी, स्टार्टअप्स और संस्थाएं भाग ले सकते हैं। इसमें प्रतिभागियों को वास्तविक समस्याओं पर आधारित थीम्स दी जाती हैं, जिन पर उ...