मेरी तन्हाई- थकान (भाग-9)डॉ.पूर्णिमा राय, पंजाब
मेरी तन्हाई- थकान (भाग-9) डॉ.पूर्णिमा राय, पंजाब दिन भर की थकान के पश्चात जब शाम के समय मुझे एक मैसेज आया। मैसेज अपने किसी जानकार का ही था।मैसेज में लिखाथा-- आज रविवार था फिर भी सारा दिन सरकारी ड्यूटी में गुज़र गया। सारा दिन भर बहुत ही थकान भरा रहा। पर जब आपकी मैसेज में प्राप्त हुई ब्लॉग पर प्रकाशित रचनाओं को पढ़कर मुझे सुखद और सुकून भरा अनुभव हुआ और मुझे ऐसे लगा जैसे आपकी रचनाओं से मेरी सारी थकान उतर गई। आप बहुत अच्छा लिखते हो मैडम? जब मैंनें यह प्रेम और स्नेह से भेजे हुए मैसेज को पड़ा तो चेहरे पर मंद-मंद मुस्कान आई और शुक्रिया कहने के अलावा मेरे पास और कोई शब्द नहीं थे। पर एक बात मेरे मन में आई कि मैं तो अवकाश में घर के कार्यों से ही थक चुकी हूँ और वह लोग जो बाहर जाकर अवकाश के दिनों में भी कार्य कर रहे हैं ,उनकी थकान मेरी थकान से बहुत गहरी है। मुझे भी विगत दो-तीन दिनों से अत्यधिक थकान का अनुभव हो रहा था।कुछ अतिरिक्त कार्य का बोझ जब आ जाता है तो हमारा शरीर उस कार्य को जो हमारे दैनिक रूटीन का हिस्सा नहीं होता है, करते हैं तो हम थकान का अनुभव करने लगते हैं। अवक...