मेरी तन्हाई- दायित्व (भाग-7)डॉ.पूर्णिमा राय, पंजाब
मेरी तन्हाई- दायित्व (भाग-7) डॉ.पूर्णिमा राय, पंजाब हैलो !सर जल्दी कीजिए !आपको मैंने व्हाट्सएप पर कुछ मैसेज भेजे हैं !आप उनको देख लीजिए !आपने अपने विजेता छात्र का बैंक अकाउंट सूचना गूगल फॉर्म में नहीं भरी है !आपके स्कूल अकाउंट पर ईमेल आई हुई है !आप उसको देखिए और जल्दी से भर दीजिए । मैंनें संजीव सर की बात सुने बिना जल्दी-जल्दी फोन करके अपने मन की बात कह दी। फिर बाद में सोचा मुझे थोड़ा बोलने से पहले रुकना चाहिए था और उनकी स्थिति समझनी चाहिए थी कि वह इस वक्त फोन में कैसी हालत में होंगे ।जैसे ही अपनी बात खत्म करने के बाद कुछ समय के लिए मैं रुकी तो उन्होंने मुझे बताया कि मैडम हमने तो सारी सूचना पहले से भेज रखी है ।मैं तो आज भी सरकारी ड्यूटी पर ही हूँ, सुपरवाइजर का काम भी कर रहा हूँ, इलेक्शन कार्यरत हूँ। और मैं विशेष रूप से एक छात्र जो कि तीन बार नेशनल अवार्ड प्राप्त कर चुका है, उसकी मदद के लिए उसके घर पर आया हुआ हूँ। यह सुनकर मुझे एक अजीब से आनंद की अनुभूति हुई कि एक शिक्षक की सोच हमारे सोचने से भी कहीं अधिक आगे होती है।उन्होंने मुझे बताया कि वह मेरे व्हाट्सएप मैसेज...