हर शख्स जिंदगी में

 

पोस्ट संख्या-55

हर शख्स जिंदगी में by Dr.Purnima Rai

हर शख्स जिंदगी में कई किरदार  निभाता है।

न चाहते हुए भी वह अपनों को आजमाता है।।

सुकून की तलाश में हारने के डर से बेखौफ़,

सहजता से लक्ष्य की ओर अग्रसर हो जाता है।।

मन अधीर न हो संयम रखता है इस कदर कि,

मन-मस्तिष्क की भीतरी तह में घूम आता है।।

तलाशते हैं पल भर की एक खुशी जमाने में, 

गमज़दा जिस्म मुश्किल से ही चैन पाता है।।

सुकर्म कर परवाह न कर औरों की साकी,

"पूर्णिमा" राही को राह दीया ही दिखाता है।।

डॉ.पूर्णिमा राय, पंजाब 




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