ब्लॉक स्तरीय हिंदी शिक्षकों की एक दिवसीय कार्यशाला सफलतापूर्वक संपन्न हुई ।

ब्लॉक स्तरीय हिंदी शिक्षकों की एक दिवसीय कार्यशाला सफलतापूर्वक संपन्न हुई । डॉ.पूर्णिमा 



दिनांक 10 नवंबर आज एससीईआरटी के दिशा-निर्देश एवं जिला शिक्षा अधिकारी श्री राजेश कुमार शर्मा जी के दिशा-निर्देश से डीआरसी डॉ राजन के सफल संचालन के अधीन अमृतसर जिले के अलग-अलग ब्लॉक में हिंदी शिक्षकों की एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।डीआरपी हिंदी डॉ.पूर्णिमा एवं रिसोर्स पर्सन मैडम अंजू द्वारा सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल मानांवाला में ब्लॉक तरसिक्का और जंडियाला गुरु ब्लॉक के हिंदी शिक्षक-शिक्षिकाओं को हिंदी प्रशिक्षण दिया गया। हिंदी शिक्षकों ने हिंदी शिक्षण संबंधी क्रिया,-प्रतिक्रिया के रूप में शिक्षण प्राप्त किया। हिंदी शिक्षण के दौरान हॉलिस्टिक प्रोग्रेस रिपोर्ट कार्ड, कंपीटैंसी एनहैंसमेंट प्लान, कविता शिक्षण, उच्चारण की अशुद्धियां, प्रश्न पत्र की नई रूपरेखा, डिजिटल युग की गतिविधियों के बारे में जानकारी हासिल की। शिक्षकों ने रिसोर्स पर्सन डॉ पूर्णिमा द्वारा दी जा रही जानकारी के दौरान विशेष रूप से गद्य शिक्षण में संस्मरण लेखन कार्य करके अपने भावनाओं और विचारों को लिखित रूप के साथ-साथ मौखिक रूप में भी प्रकट किया । मैडम अंजू रिसोर्स पर्सन द्वारा भी संक्षेप में कविता शिक्षण तथा प्रश्न पत्र की रूपरेखा और बनावट  पर विचार विमर्श किया गया।काव्य शिक्षण के दौरान कविता पाठ  करने के साथ-साथ पाठ योजना से भी  शिक्षकों को डॉ पूर्णिमा द्वारा अवगत करवाया गया। शिक्षकों ने  रिसोर्स पर्सन डॉ पूर्णिमा द्वारा आदर्श वाचन के पश्चात अनुकरण वाचन के साथ-साथ सामूहिक गायन करके भी बहुत कुछ नया सीखने का प्रयास किया। डॉ.पूर्णिमा ने कहानी शिक्षण की चर्चा करते हुए शिक्षकों को यह बताया गया कि कैसे कहानी के माध्यम से छात्रों के अंतर्मन को छुआ जा सकता है। डीआरसी डॉ राजन द्वारा विशेष विजिट दौरान शिक्षकों के साथ बातचीत करते हुए उन्हें बताया गया कि पाठ्यक्रम पर आधारित लर्निंग आउटकम्स और कंपीटेंसी को छात्रों के लिए हम कैसे उपयोगी सिद्ध कर सकते हैं,के बारे में जानकारी दी गई। शिक्षकों द्वारा अनुशासन में रहकर सेमिनार में करवाई जा रही प्रत्येक गतिविधि में बढ़ चढ़कर भाग लिया।शिक्षकों में उपस्थित शिक्षक दीपक जी ने जो कि अंग्रेजी शिक्षक थे ,उन्होंने विशेष रूप से फीडबैक के दौरान रिसोर्स पर्सन की प्रशंसा की और कहा कि उन्होंनें आज से पहले इस तरह के सेमिनार का अनुभव नहीं किया था। एक बेहतरीन अपनत्व से भरे हुए माहौल में हिंदी शिक्षण कार्यशाला लगाकर उन्हें बेहद आनंद का अहसास हुआ। सेमिनार में उपस्थित अन्य शिक्षिकाओं ने भी सेमिनार की भागीदारी देने के साथ-साथ हर्ष और प्रसन्नता को प्रकट किया।
















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