आदर्श कक्षा
आदर्श कक्षा (कविता) पोस्ट संख्या -80
बच्चों के सपनों की आदर्श कक्षा ।
ऐसी कक्षा में छात्रों को मिले सुरक्षा ।।
डर का तनिक भी नाम ना हो ।
सम्मान मिले ,अपमान ना हो ।।
श्वेत रंग से सजी हो चहुं दीवारें ।
दरो-दीवार से आसमाँ को निहारें।।
बुल्ली, जुल्म ना हो कोई घबराहट ।
कक्षा प्रवेश से खिले मुस्कुराहट।।
श्यामपट्ट, चाक, डस्टर हों साथी ।
मिलवर्तन से सब रहें सहपाठी।।
समय, सफाई और अनुशासन ।
मन की बात कह सकें संभाषण ।।
आस-विश्वास की लौ जगी हो ।
मन-मस्तिष्क की आँख खुली हो ।।
बच्चे शिक्षक की आँख के तारे ।
तीक्ष्ण दृष्टि से बदल जायें नज़ारे ।।
मृदुल वाणी का जहाँ जय घोष हो।
हंसी ठहाकों संग ज्ञान सदोष हो।।
"पूर्णिमा" हर तरफ फूल हों बिखरे ।
आत्मिक ज्ञान से जीवन संवरे।।
डॉ.पूर्णिमा (Dr.Purnima Rai)
ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर , अमृतसर
अकादमिक सहायता समूह, पंजाब।

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