मेरी तन्हाई--नया सूर्य (भाग-17)डॉ.पूर्णिमा राय, पंजाब
मेरी तन्हाई--नया सूर्य (भाग-17)
डॉ.पूर्णिमा राय, पंजाब
सभी कहते हैं कि हर दिन एक नया दिन होता है। हर शाम हसीन होती है और हर रात में अंधेरे को चीरने की एक अलग एक क्षमता होती है,जो नए सूर्य का आगमन करती है। हर व्यक्ति हर सवेरे नए सूर्य की तलाश में है। गहरी रात के पश्चात निकला सूर्य हर सांस में एक उम्मीद का सिलसिला पैदा करता है।हर व्यक्ति जीवन में किसी न किसी लक्ष्य को आगे लेकर बढ़ रहा है। रात की गहरी चादर के पश्चात जब सूर्य की पहली किरण निकलती है तो उस किरण को देखने का नज़रिया जिस व्यक्ति के पास है।वह व्यक्ति सफलता के शिखर पर पहुंच ही जाता है।हर व्यक्ति के जीवन का कोई न कोई लक्ष्य है, मंजिल है।यह अच्छी बात है कि जीवन में किसी मंजिल का होना, किसी लक्ष्य का होना बहुत ही महत्वपूर्ण है ।स्थिरता जहाँ आ जाती है, वहाँ प्रगति रुक जाती है। निरंतर चलते रहने का नाम ही जिंदगी है। कई बार हम लोग अपनी-अपनी व्यस्तताओं से अपने बनाये हुए दायरे में बंधी हुई जिंदगी जी रहे होते हैं ।हमें लगता है इससे अलग कोई जिंदगी ही नहीं है ,पर जब हम बाहर निकल कर देखते हैं। अपने दायरे की सीमाओं से थोड़ा सा ऊपर उठते हैं तो हमें पता चलता है कि जिंदगी इससे और अधिक बेहतर हो सकती थी ।हम में ठहराव आ गया ।हम एक स्थान पर ठहर गए ।जिस वजह से हम उस दायरे से बाहर के आसमान को देख ही नहीं पाए और जब हम उस आसमान को देखने की चाहना अपने भीतर पैदा कर लेते हैं तो दुनिया की कोई भी ताकत आपको उस आसमाँ तक पहुँच करने में रोक नहीं सकती। आसमान तक पहुँचना मंजिल नहीं है ।आसमान पर पहुँच कर उस मंजिल पर स्थिर रहना सबसे बड़ी चुनौती है ।आज जीवन चुनौतियों से भरा हुआ है। बस इसके लिए आपको अपनी देह को शिथिल नहीं होने देना ।देह चाहे शिथिल हो भी जाए, शरीर है बीमार हो सकता है पर अपने मन को कभी भी बीमार नहीं होने देना ।आपका मन सदैव प्रसन्नचित रहे। आपके मन में छोटी-छोटी बातों को छोटी-छोटी इच्छाओं को पूर्ण होने पर खुश होने का मौका देना चाहिए ।जो चले जाते हैं उनके साथ जिंदगी खत्म नहीं होती पर उनकी अच्छी बातों को याद रखकर आप अपनी जिंदगी में आगे बढ़ सकते हैं। जब हम ऐसी भावनाएं अपने भीतर पैदा कर लेंगे तो हमें कुदरत के कण-कण में सुकून का अनुभव होगा। कुदरत की हर एक शक्ति में हर एक वस्तु से हमें लगाव हो जाएगा। हमारे भीतर स्नेह की भावना पैदा हो जाएगी। अपनी जिंदगी में हर लमहे को बेहतर ढंग से जीने का प्रयास करना चाहिए ।जरूरी नहीं इसके लिए आपके पास धन हो। आपके पास आपकी मानसिक ऊर्जा होनी बहुत जरूरी है आपके पास खुद से उम्मीद होनी चाहिए। आपके भीतर चुनौतियों का सामना करने की इच्छा होनी चाहिए ।कभी भी कोई मुश्किल, मुश्किल नहीं रहती ,जब हमारे मन में उस मुश्किल के प्रति समाधान के रास्ते खोजने का हुनर हो। हमें समाधान ढूंढने की ओर प्रयत्न करना चाहिए । नई सूर्य को अगर छूने के कामना है तो हर पल हर लमहे को हर क्षण को आनंद में बिताऊ थोड़ा कहना बड़ा आसान लगता है पर ऐसा करना कठिन है पर रहते हैं 100% नहीं तो हम कुछ प्रतिशत तो अपने आप में बदलाव कर सकते हैं। दुनिया बदलने वाली नहीं है, हमें खुद को ही बदलना होगा। दुनिया स्वार्थी नहीं है,ऐसा सोच कर व्यर्थ में दुखी होना गलत है। हमें अपने स्वार्थ से ऊपर उठना होगा।हमें आरंभ किसी और से नहीं ,खुद से शुरुआत करनी होगी।अभी विगत ही एक छोटी सी घटना हुई है। उसका जिक्र आपके साथ करती हूँ।मैं तो अपने जीवन में अधिक दान-पुण्य नहीं कर पाई। बस कभी किसी का बुरा नहीं किया है।पर आप आज मुझे बहुत प्रसन्नता और हर्ष के साथ बताना अच्छा लग रहा है कि मेरी बिटिया का जन्मदिन 15जून को था ।आप सब ने बहुत सारी दुआएं दी। उसके लिए मैं पहले तो आप सभी का तहे दिल से शुक्रिया करती हूँ। एक सबसे प्यारी और भावुक कर देने वाली घटना का जिक्र कर रही हूँ।बिटिया के जन्मदिन पर किसी ने जिसे हम जानते भी नहीं है। उन्होंने उसके जन्मदिन पर विशेष रूप से एक अलग तरह से ही गरीब बच्चों में उसका केक कटवा कर उसको जन्मदिन की बधाई दी है। यह वीडियो देखकर मुझे लगा कि इससे बढ़िया गिफ्ट किसी भी बच्चे के जन्मदिन पर नहीं हो सकता है। जब उसे वे बच्चे दुआएं देते हैं, उसको बर्थडे विश करते हैं जो उसके जानकर नहीं होते हैं, पर उनके दिल में एक उम्मीद होती है ,एक सच्चा भाव होता है कि हम जन्मदिन की बधाई दें । इस वीडियो को देखकर मैं थोड़ा सा भावुक हो गई और मुझे देखकर भी बहुत अच्छा लग रहा है।कुछ चीजें ऐसे ही अपने आप हो जाती हैं जिनकी हम कभी कल्पना नहीं करते हैंऔर कई बार कुछ योजनाएं बनाते हैं। वह भी सफल नहीं हो पाती हैं। क्रमशः
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